राजेंद्र रायपुरी

चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान।


 सीने को अपने तान। 


चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान।


 


सीमाऍ॑ देश की तुम्हें पुकारतीं।


 पुकारती तुम्हें है माता भारती।


 पुकारता है हिंद ये महान। 


चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान। 


सीने को अपने तान।


 


चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान।


 


पड़ोसियों से रार आज बढ़ गई।


 नशा उन्हें मिशाइलों की चढ़ गई।


उतार दो नशा सुना के गान।


ब्रम्होस है महान,ब्रम्होस है महान।


चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान।


 सीने को अपने तान।


 


चलो रे नौजवान, चलो रे नौजवान।


 


पीछे नहीं हटाना है कदम तुम्हें।


मां भारती की आज है कसम तुम्हें।


भले ही रण चली ये जाए जान।


चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान। 


सीने को अपने तान।


 


चलो रे नौजवान,चलो रे नौजवान।


 


           ।। राजेंद्र रायपुरी।।


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