निशा अतुल्य

हनुमान जयंती पर लिखी 
सुन बजरंगी
25.4.2021

राम धुन लागी रे बजरंगी
भक्ति का दे दे हमें दान बजरंगी 
राम धुन लागी रे, राम धुन लागी 
अब तू ही करेगा बेड़ा पार बजरंगी ।

जीवन भंवर में छोड़ दी नैया
अब तू ही सम्भाल बजरंगी 
मैं तो तुझसे करूं मनुहार रे
मैंने सौंपा तुझे जीवन भार बजरंगी 
मुझे दे दे भक्ति का ज्ञान बजरंगी ।

राम धुन की अमर प्रीत अब
आत्मा में बस जाए मेरे बजरंगी 
हर सुख दुख से अब तू ही छुड़ाए
मुझको नही कोई फिक्र बजरंगी 
आकर मुझे संभाल रे 
कर दे बेड़ा पार बजरंगी ।
तू ही तारण हार रे बजरंगी 

अंजनी के पुत्र अधिक बलशाली
रवि भक्ष लियो समझ कर लाली 
कर दियों जग अंधियार बजरंगी
तेरी महिमा अपरम्पार बजरंगी 
तू ही संकट निवार रे 
मैंने सौंप दिया जीवन भार बजरंगी ।

तुझसा न भक्त हुआ कोई जग में 
अवध बिहारी आये स्वयं ही मिलने 
तूने उनके भी कारज संभारे बजरंगी
राम चरणन के तुम दास रे 
अब सुनलो मेरी पुकार बजरंगी 
करो दुखो से बेड़ा पार बजरंगी ।

लक्ष्मण जियाये, सियाय मिलाए
फिर भी कोई बड़ाई न चाहे
प्रभु चरणन के दास बजरंगी 
आशीष पाये अजर अमर हो गए
भक्तों के बनाते बिगड़े काम कलियुग में 
बिगड़े बने सारे काम बजरंगी 
दे दो भक्ति का ज्ञान रे 
सुनलो मेरी पुकार बजरंगी ।

स्वरचित
निशा"अतुल्य"

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