अमरनाथ सोनी अमर

मुक्तक-चित्र आधारित! 

माँ  इंतजार  करे पती  का! 
बेटी  देखे   राह  पिता  का!
कितने  समय में वहआयगें! 
भरें पेट सब सोय रात का!! 

करें  बसेरा  हरे  पेंड  तर! 
वहाँ नही कोई उनकों डर! 
सुख के नींद सभी हैं सोते! 
होय सबेरा करें कर्म वह!! 

अमरनाथ सोनी" अमर "
9302340662

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